दूधराज पक्षी के बारे में रौचक जानकारी

दोस्तों इस आर्टिकल के माध्यम से आज हम बात करने वाले हे मध्य – प्रदेश के राज्य पक्षी दूधराज के बारे में जिनको अंग्रेजी भाषा में एशियाई दिव्यलोकि किटमार (Indian Paradise Flycatcher ) कहते हे। ये पक्षी दिखने एक मध्यम आकर का सुंदर और आकर्षित पक्षी हे। भारत में ये पक्षी मध्य प्रदेश के अलावा हिमालय प्रदेश , पंजाब और बिहार में पाए जाते हे तो चलो दोस्तों इस पक्षी के बारे में और भी अधिक रौचक जानकारी इस आर्टिकल के माध्यम से जान लेते हे। मध्य प्रदेश का राज्य पक्षी – दूधराज 

दूधराज पक्षी की जानकरी हिंदी में

1 . तो सबसे पहले हम जानेंगे की इस पक्षी का वैज्ञानिक नाम Terpsiphone Paradisi हे।

2 . ये पक्षी मुख्यत्वे तीन रंगो में पाए जाते हे जिनमे दूधिया सफ़ेद , काले और लाल भूरे रंग में पाए जाते हे।

3 . दूधराज पक्षी के पास पाए जाने वाली पूंछ ये पक्षी नर हे या मादा ये निर्धारित करती हे क्योकि नर दूधराज की पूंछ मादा दूधराज की पूंछ की तुलना में लम्बी होती हे। जबकि इस पक्षी की आंखे काली और आँखों के पास गहरे काले नीले रंग की रिंग पाइ जाती हे। 

4 . क्या आपको पता हे की इस पक्षी को उसके दूसरे नाम ” सुल्ताना बुलबुल ” के नाम से भी जाना जाता हे। 

5 . इस पक्षी के बारे में एक विशेषता ये भी हे की जब ये पक्षी छोटा होता हे तब नर पक्षी का रंग बिलकुल मादा के जैसा होता हे लेकिन बड़े होने के साथ उनके रंग में रंग परिवर्तन हो जाता हे। 

6 . ये एक शांत और चंचल स्वाभाव का पक्षी हे जो ज्यादातर तालाबों , गुफाओ , सरोवरों नदिओं और मैदानों में दिखाई देता हे। 

7 . ये पक्षी अपना घोसला छिपे स्थानों पर बनाते हे।

8 . क्या आपको पता हे की 1985 में इस पक्षी को मध्य प्रदेश का राज्य पक्षी घोषित किया गया था।

9 . अगर हम इस पक्षी के आकर के बारे में बात करे तो ये पक्षी करीब 18 से 22 सेंटीमीटर के आसपास होते हे। जबकि इस पक्षी के पंखो का फैलाव 85 से लेकर 92 सेंटीमीटर के आसपास होता हे। 

10 . मादा दूधराज की पूंछ नर दूधराज पक्षी की तुलना में छोटी होती हे।

11 . सबसे ज्यादा ये पक्षी घने जंगलो में रहना पसंद करते हे। जबकि इस पक्षी का खोराक छोटे छोटे किट पतंगों , तितलियाँ और मक्खिया होती हे।

12 . इस पक्षी की आवाज़ चे चे या ज्वीट ज्वीट होती हे।

13 . दूधराज पक्षी का प्रजनन करीब मार्च से जुलाई के बिच रहता हे।

14 . घोसला बनाने के लिए ये पक्षी घास के तिनको और टहनिया का इस्तमाल करते हे और नर और मादा दोनों साथ मिलकर अपने घोसले का निर्माण करते हे।

15 . मादा दूधराज करीब तीन से लेकर पांच तक अंडे देती हे। और मादा करीब 18 दिनों तक अपने अंडे सेहती हे।

16 . ये पक्षी भी सारस पक्षी की तरह ही पुरे जीवन में एक ही जोड़ा बनाकर रहते हे। 

17 . इस पक्षी की पूंछ से आप उनको आसानी से प्रहचान सकते हे।

18 . भारत के अलावा ये पक्षी श्रीलंका , तुर्किस्तान , मलेशिया में पाए जाते हे।

19 . आमतौर पर ये एक प्रवासी पक्षी हे जो सर्दियों के मौसम के दौरान अपना ज्यादातर समय उष्णकटिबंधीय जंगलो में बिताते हे। 

20 . एक अनुमान से दूधराज पक्षी का वज़न करीब 20 ग्राम के आसपास पाया जाता हे।

21 . अगर हम इस पक्षी के जीवनकाल के बारे में बात करे तो ये पक्षी 6 साल तक जीवित रहते हे।

तो दोस्तों अगर आपको ये आर्टिकल पसंद हे तो आप इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ भी सेर करे।

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