Neem Tree – नीम के चमत्कारिक फायदे

तो दोस्तों इस आर्टिकल के माध्यम से आज हम बात करने वाले हे नीम पेड़ के बारे में जिनको उनके गुणों की वजह से धरती का कल्पवृक्ष भी कहा जाता हे नीम का पेड़ जितना स्वाद में कड़वा होता हे उतना ही वो गुणकारी भी होता हे तो चलो दोस्तों नीम के बारे में और भी अधिक जानकारी और नीम के फायदे हम जान लेते हे। Neem Ke Fayade

नीम के फायदे

अन्य भाषा में नीम के नाम : 

अंग्रेजी में नीम ट्री
हिंदी में नीम , निम्ब
संस्कृत में निम्ब , अर्कपादप
उर्दू में नीम
तमिल बिम्मू
नेपाली नीम
गुजराती में लिमडा
तेलुगु में वेमू , वेपा

नीम – Neem Tree In Hindi

1 . तो दोस्तों सबसे पहले हम बात करने वाले हे की निम का वानस्पतिक नाम क्या हे ? तो नीम का वानस्पतिक नाम Azadirachta indica हे। जबकि नीम वृक्ष का वानस्पतिक नाम संस्कृत भाषा के निंब से हे। 

2 . नीम भारतीय मूल का एक विशाल और घना वृक्ष हे जो भारत के अलावा पाकिस्तान , नेपाल , बांग्लादेश , म्यानमार , इन्डोनेशिया , थाईलैंड , श्रीलंका आदि देशो में पाया जाता हे। 

3 . नीम को निम्ब से भी जाना जाता हे और नीम तेजी से बढ़ने वाला वृक्ष हे। 

4 . अगर हम नीम की ऊंचाई के बारे में बात करे तो नीम की ऊंचाई करीबन 40 से 65 फुट तक भी जा सकती हे। 

5 . नीम पेड़ की छाल कठोर होती हे जिनका रंग सहेज लाल होता हे जबकि नीम के फूल सफ़ेद रंग के सुगन्धित होते हे जो गुच्छो में लगते हे और वो गुच्छा करीब दस इंच लम्बा होता हे। 

6 . नीम के फल स्वाद में बहुत ही कड़वा जबकि रंग में सफ़ेद पिले चिकने एवम आकार में गोलाकार से अंडाकार होते हे। 

7 . आयुर्वेद में नीम को बहुत ही उपयोगी पेड़ बताया गया हे यानिकि नीम जितना कड़वा होता हे उतना ही नीम फायदेमंद भी होता हे। 

8 . घर के आँगन में नीम का होना शुभ माना जाता हे। 

9 . ज्यादातर नीम का इस्तमाल औषधि के रूप में , पशुओ के घास चारा के रूप में , दातुन के रूप में और घर में जलाने के लिए नीम का उपयोग किया जाता हे। 

10 . नीम का वृक्ष उनके कड़वे स्वाद और शीतल छाया की वजह से जाना जाता हे। 

11 . नीम में पाए जाने वाले गुणों की  वजह से उनको धरती का कल्पवृक्ष कहा जाता हे। 

नीम के चमत्कारिक फायदे – Neem Ke Fayade

1 . अगर आप कोई भी घाव से परेशान हे तो आप नीम पेड़ की छाल का लेप बनाकर घाव वाले स्थान पर लगाने से घाव जल्दी भर जाता हे। 

2 . नीम सभी प्रकार के चर्म रोगो के लिए एक रामबाण के समान साबित होता हे। 

3 . नीम के दातुन से दांत एवम मसूड़े स्वस्थ रहते हे। 

4 . नीम की पत्तिया स्वाद में बहुत की कड़वी होती हे लेकिन सुबह और शाम के दौरान नीम की पत्तियों को मुँह में चबाने से रक्त शोधन होता हे। 

5 . नीम की पत्तियों को पानी में डालकर फिर उस पानी को उबाले और उस उबाले पानी से स्थान करने से चर्म विकार दूर होते हे। 

6 . नीम का लेप बालो में लगाने से बाल स्वस्थ , मजबूत और कम झड़ते हे। 

7 . नीम के बीजो का चुर्ण बनाकर उनको खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लेने से बवासीर के लिए काफी फायदेमंद साबित होता हे। 

8 . अगर आपको बिच्चू काटने लेने पर उस भाग पर नीम के पत्तो का लेप लगाने से राहत मिलती हे। 

9 . गुर्दे की पथरी होने पर नीम के पत्तो की राख को करीब दो ग्राम प्रतिदिन पानी के साथ लेने से पथरी गलकर पैशाब मार्ग से निकल जाती हे। 

10 . नील के फल का इस्तमाल कफ और कृमिनाशक के रूप में किया जाता हे। 

11 . नीम की पत्तियों का काढ़ा बनाकर उससे सुबह शाम खाली पेट कुल्ला करने से दांत व मसूड़े स्वस्थ रहते हे और मुँह की दुर्गंध दूर होती हे। नीम के फायदे

12 . कान में दर्द होने पर नीम का तेल इस्तमाल करने से लाभ होता हे।

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