लिली फूल की जानकारी – Lily Flower Information In Hindi

तो दोस्तों इस आर्टिकल के माध्यम से आज हम बात करने वाले हे लिली फूल के बारे में जिनको अंग्रेजी में Lily Flower कहा जाता हे ये फूल अपनी सुंदरता, सुगंध और आकर की वजह से जाना जाता हे। ये फूल कई संख्या में गुच्छे में लगते हे तो चलो दोस्तों लिली फूल और पौधे के बारे में और भी अधिक रौचक जानकारी को हम देख लेते हे। लिली फूल की जानकारी 

Lily Flower Information In Hindi

1 . लिली या लिलियस लिलिएसी कुल का जिनस हे।

2 . इस पौधे की कई सारी प्रजाति दुनियाभर में पाई जाती हे जबकि इस पौधे की करीब 100 से भी ज़्यादा किस्मे पाइ जाती हे। 

3 . लिली के फूल लाल , पिले , सफ़ेद , नारंगी या गुलाबी रंगो में भी पाए जाते हे। 

4 . लिली की मुख्य प्रजाति में सफ़ेद लिली , टाइगर लिली , जापानी लिली मुख्य हे। 

5 . टाइगर पशु की तरह टाइगर लिली के फूल पर पिले रंग के फूल और उस फूल के ऊपर गहरे काले रंग धब्बे होते हे जिनकी वजह से उनको टाइगर लिली कहा जाता हे। 

6 . अगर हम लिली पौधे की ऊंचाई के बारे में बात करे तो इस पौधे की ऊंचाई करीब दो फिट से लेकर छह फिट तक भी होती हे। 

7 . लिली फूल की 6 पंखुडिया होती हे। 

8 . लिली पौधे की पत्तिया हरे रंग की सांकरी एवम लम्बी होती हे। 

9 . लिली फूल में से रस निकलने की वजह से कई किटक इस फूल के प्रति आकर्षित होते हे। 

10 . आमतौर पर लिली सब जगह पर पाइ जाती हे लेकिन ज्यादातर ये अमेरिका , भारत , जापान , कनाडा जैसे देशो में पाइ जाती हे। 

11 . सफ़ेद रंग की लिली का फूल पवित्रता और सादगी का प्रतिक हे जबकि टाइगर लिली धन और सन्मान का प्रतिक हे। 

12 . जापान जैसे देश में सफ़ेद लिली का फूल Good Luck का प्रतिक माना जाता हे यानिकि जापान के लोग एक दूसरे को सफ़ेद लिली का फूल देकर गुड लक विश करते हे। 

13 . लिली फूल में से तेल भी निकाला जाता हे जिनका इस्तमाल त्वचा को मुलायम करने में होता हे। 

14 . कई लोग अपने आंगन की और बगीचे की शोभा बढ़ाने के लिए इस पौधे को लगाते हे।

15 . लिली का फूल वसंत ऋतु में खिलता हे और ठंड में मुरझा जाता हे।

16 . इस पौधे से बिल्लियों को दूर ही रखना उचित हे क्योकि ये पौधा बिल्लियों के लिए ज़हर के बराबर हे लेकिन हमारे के लिए ये पौधा सुरक्षित हे।

17 . अगर हम इस पौधे के जीवनकाल के बारे में बात करे तो इस पौधा का जीवनकाल करीब दो साल तक होता हे।

लिली फूल का चित्र

Lily Flowers Information In hindi

लिली की खेती

लिली की खेती के लिए मृदु जलवायु की जरुरत होती हे यानिकिजावा जहा लिली के लिए उचित जलवायु हो वहा लिली की खेती की जाती हे लिली के लिए उचित जलवायु और खुले क्षेत्रों में की जा सकती हे लेकिन खुले क्षेत्रों में खेती करने से हवा , आंधी , रोग का खतरा ज्यादा होता हे जबकि लिली के विकाश के लिए कम प्रकाश की तीव्रता में वृद्धि अच्छी होती हे यानिकि लिली के विकास के लिए 12-13 डिग्री सेल्सियस के तापमान की जरुरत होती हे और उससे ज्यादा तापमान मिलने पर लिली के तने की लम्बाई कम हो जाती हे।

लिली के फायदे एवम उपयोग – Use For Lily Flower

लिली का फूल घर , बगीचे  शोभा बढ़ाता हे यानिकि अगर आपके घर के आंगन में या फिर बगीचे में लिली का पौधा होने से उसके आसपास की हवा शुद्ध होती हे क्योकि लिली के पौधे में हवा शुद्ध करने की बेसुमार क्षमता होती हे और घर और बगीचे की शोभा भी बढ़ाता हे। 

कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी ज़हरीली वायु को भी ये पौधा कम करता हे जिसे रोगो की शक्यता कम होती हे। इस पौधे को आप आसानी से ऊगा सकते हे।

चीन जापान में लिली की कुछ किस्मे विशेष रूप से बल्बों के लिए उगाई जाती हे जिसका इस्तमाल भोजन के लिए भी किया जाता हे। 

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लिली फूल के सबंधित सवाल

लिली फूल को हिंदी में क्या कहते हे ?

लिली फ्लावर मीनिंग इन हिंदी लिली फूल को हिंदी में कुमुदनी फूल कहा जाता हे। 

लिली पौधे का वैज्ञानिक नाम क्या हे ? 

लिली के पौधे का वैज्ञानिक नाम Lilium हे। 

लिली का फूल कैसा होता हे ?

लिली फूल का रंग उनकी प्रजाति पर निर्भय होता हे जबकि ज्यादातर लिली का फूल लाल , सफ़ेद , गुलाबी और नारंगी रंगो में पाए जाते हे और लिली फूल का आकर कप जैसा होता हे। लिली के प्रत्येक फूल में छह पंखुडिया होती हे जबकि गुच्छो में लगते हे। 

लिली के फूल के बिच में क्या होता हे ?

लिली फूल ( Lily Flower ) के बिच में एक छोटा सा मादा पुष्प होता हे जिनको पिस्टिल के नाम से जाना जाता हे और इसी पुष्प के द्रारा ही परागण होता हे और पौधे पर अधिक फूल लगते हे। उसके अंदर की तरफ एक पतली नली जैसा डंठल होता हे जिनकी ऊपरी नोक चिपचिपी सी होती हे जिसको कलंक के नाम से जाना जाता हे। 

लिली का फूल किस मौसम में खिलता हे ?

 सर्दियों की शरुआत होने के साथ साथ लिली के फूल भी खिलने शरू हो जाते हे और लिली के फूल मार्च के मध्य तक खिलते हे और जब लिली पौधे पर फूल खिलते हे तब आसपास का वातावरण सुगन्धमय और मनमोहक बन जाता हे और में आपको बता दू की इस मौसम में वो सभी पुष्प ( फूल ) खिलते हे जिनको कंद से लगाया जाता हे।

लिली का फूल खास क्यों हे ?

लिली के फूल रंगो के अनुसार उनका अलग अलग अर्थ होता हे लेकिन अधिकतर लोग लिली फूल को प्रवित्रता का प्रतिक मानते हे और तो और इस फूल को ग्रीक में पुनर्जन्म और मातृत्व से जुड़ा हुआ माना जाता हे जबकि लिली का फूल कई सालो से शादियों में इस्तमाल किया जाता हे जिसका मतलब होता हे “प्यार का बंधन ” इसलिए लिली के फूल को खास माना जाता हे। 

लिली का फूल कहा से आया हे ?

आमतौर पर लिली फूल की उत्पति उत्तरी अमेरिका , एशिया और यूरोप में कई सालो पहले हुई थी यानिकि इस देशो के बाद अन्य देशो में भी लिली फूल का फैला होगा। 

किस प्रकार की लिली वास्तव में लिली का पौधा नहीं हे ?

लिली का पौधा वास्तव में लिलियम जिनस का होता हे जिनको बल्ब के द्रारा उगाया जाता हे लेकिन उसके आलावा भी लिली की कुछ ऐसी प्रजातियां होती हे जैसे की डे लिली, कैना लिली जिनको बल्ब के द्रारा उगाया नहीं जा सकता और उसकी मुख्य वजह हे की वो दूसरे जिनस के पौधे हे लेकिन फिर भी उसका नाम लिली होता हे जो वास्तव में लिली का पौधा नहीं हे।

लिली का पौधा घर पर कैसे लगाए ?

लिली पौधे को आप दो तरह से ऊगा सकते हे जैसे की आप उनको बीजो के द्रारा भी ऊगा सकते हो लेकिन बीज के द्रारा लिली का पौधा उगाने से लिली आने तक समय बहुत लगता हे जबकि दूसरे तरह आप लिली पौधे को बल्ब के द्रारा उगा सकते हे जो आसान तरीका हे।

बल्ब के द्रारा लिली के पौधे को उगाने से पहले आपके पास लिली के बल्ब का होना आवश्यक हे इसलिए आप उसको बाजार या ऑनलाइन से खरीद सकते हे लिली के बल्ब कई प्रकार के होते हे जो प्रजाति के आधारित अलग अलग रंग के फूल देते हे। 

बल्ब बाद आपको अपने गमलो में मिट्टी तैयार होगा उस मिट्टी में आप गाय भैंस का गोबर या पुराना खाद्य भी ले सकते हे जिससे मिट्टी की गुणवत्ता अच्छी रहती हे मिट्टी तैयार होने के बाद आप गमलो को ले और उसके निचे एक छेद करे।

गमले में मिट्टी भरे और लिली फ्लावर के बल्ब को करीबन चार से पांच इंच गहराई में लगाए और पानी भर दे। और उस गमले को कम धुप वाले स्थान पर रखे। 

लिली पौधे की देखभाल कैसे करे ?

लिली का पौधा लगाने के बाद उसकी वृद्धि और विकास के लिए पौधे की देखभाल करना बहुत ही जरुरी हे लिली के पौधे को जरुरत के हिसाब से पानी की पूर्ति करनी चाहिए जरुरत से ज्यादा पानी नहीं डालना चाहिए इसलिए इस बात का ध्यान रखना चाहिए।

ज्यादा धुप भी पौधे को लगनी नहीं चाहिए क्योकि अधिक धुप से पौधा सुख भी जाता हे। 

करीब सात दिनों में खाध डाले।

तो दोस्तों अगर आपको लिली फूल की जानकारी पसंद हे तो आप इस जानकारी को अपने दोस्तों के साथ भी सेर करे।

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