सोच बदलें ज़िन्दगी बदलें – Motivational Hindi Story

     तो दोस्तों इस आर्टिकल में हम एक ऐसी कहानी के बारे में बात करने वाले हे जिसको पढ़कर आपकी सोच जरूर बदल जायेंगी। दोस्तों हमारे जीवन में हमारी सफ़लता में हमारी सोच और हमारे परिश्रम का बहोत ही बड़ा हाथ होता हे। अगर हमारी सोच अच्छी होगी तो हमारा जीवन भी उतना ही अच्छा होगा जीतनी हमारी सोच हे। आप भी अपनी सोच को बदलकर देखिये आपकी जिन्दगी भी बदल जायेंगी। तो चलो दोस्तों इस कहानी को हम शरू करते हे। Motivational Hindi Story

Motivation Hindi Story

सोच बदले ज़िन्दगी बदले – Best Motivational Hindi Story

   ये कहानी हे रामपुर नामक एक छोटे गांव की जिनमे एक पिता अपने छोटे बच्चे के साथ अपना जीवन व्यतीत कर रहे होते हे। उनके परिवार की आर्थिक स्थिती बहुत ही गरीब थी और बच्चे की माँ की भी बच्चे के जन्म के कूच दिनों के बाद ही मौत हो गइ थी इसलिए बच्चे का संभाल उनके पिता ही करते थे। बच्चे के पिता कूच ना कूच काम करके अपने बच्चे को पढ़ाते थे और घर का खर्चा निकालते थे।

एक दिन की बात हे की बच्चे के अध्यापक ने बच्चे को एक पत्र दिया और कहा की ये पत्र तुम अपने पिता को दे देना। तो वो बच्चे ने अध्यापक ने जो पत्र दिया था वो घर जाकर अपने पिता को दे दिया। तब उसके पिता ने उस पत्र को पढ़ा और मन ही मन मुस्कुराने लगे। तब बच्चे ने अपने पिता से कहा की पिताजी इस पत्र में ऐसा क्या लिखा हे जो आप मुस्कुराने लगे। तब बच्चे के पिता ने मुस्कुराते अपने बेटे से कहा की बेटा इस पत्र लिखा हे की आपका बेटा कक्षा में सबसे होशियार हे इसका दिमाग अन्य बच्चो से बहुत ही तेज़ हे हमारे पास ऐसे अध्यापक नहीं हे जो आपके बच्चे को पढ़ा सके इसलिए आप अपने बच्चे को किसी अन्य सारि जग़ह अपने बच्चे का ऐडमिशन करवाये। ये सुनकर वो बच्चा बहुत ही खुश हो गया और साथ ही साथ उनका कोंफिड्न्स भी बढ़ गया। और वो बच्चा मन ही मन सोचने लगा की वो अन्य बच्चो से बहुत ही होशियार हे और मेरी दिमाग़ शक्ति भी सबसे तेज़ हे।

        दूसरे दिन बच्चे के पिताजी ने अपने बच्चे का ऐडमिशन दूसरी जगह करवा दिया। अब वो बच्चा मन लगाकर पढ़ाई करने लगा क्योकि उनको लगता था की मुझमे अन्य बच्चो से बहुत ही तेज़ दिमाग हे इसलिए वो बच्चा हमेंशा पढ़ाई में ही ध्यान लगता रहता था। कूच सालो बाद वो लड़का अपने सोच और महेनत की वजह से वो प्रोफ़ेसर बन गया। अब उनके ग़रीबी के दिन नहीं रहे। उस लडके ने शादी भी कर दी। अब लड़का अपने पिता को जरुरी पैसे देता था और उनकी सेवा करता था। मगर उस लडके की दूसरे शहेर में बदली होने की वजह से वो शहेर जाकर रहने को अपने पिताजी से बोलता हे तब उनके पिताजी बोलते हे ठीक हे।

कूच दिनों के बाद उस लडके ने अपना नया घर भी ले लिया और वो गांव को छोड़कर शहेर जाकर रहने लगा। तब अचानक उनके पिताजी की तबियत सही न होने की वजह से उनकी मौत हो जाती हे तब वो लड़का तुरंत शहेर से अपने गाँव चला आता हे और वो बहुत ही रोता हे क्योकि उनको अपने पिताजी से बहुत लगाव था। तब अचानक उसने अपने पिताजी की अलमारी खोली और तभी उस लडके की नज़र उस पत्र पर पड़ी जो उनको अध्यापक ने बचपन में अपने पिता को देने के लिए दिया था। और जब उस लड़ने ने उस पत्र को लेकर उसको पढ़ा तो उसके होश उड़ गए। पता हे उस पत्र में क्या लिखा था। उस पत्र में लिखा था की आपका बेटा पढ़ाई लिखाई में बहुत ही कमज़ोर हे यानिकि जिस तरह उनकी उम्र बढ़ रही हे मगर उनकी बुद्धि का विकाश नहीं हो रहा हे इसलिए हम आपके बेटे को अपनी श्कूल से निकाल रहे हे कृपया आप अपने बच्चे का ऐडमिशन दूसरी जग़ह करवा दीजिये।

       तो दोस्तों इस कहानी से हमें ये सीखना चाहिए की जिस तरह से लडके के पिता ने पत्र पढ़कर अपने बेटे की सोच बदल दी ठीक उसी तरह हमें भी अपनी जिन्दगी में अपनी सोच को बदलना होंगा। हम अपने बारे में क्या सोच रखते हे ये हमारी ज़िन्दगी में बहुत मायने रखता हे। इसलिए हमेंशा पॉजिटिव सोचते रहिये अच्छा सोचते रहिये ताकि आपकी सोच बदल जाएंगी और जैसी ही आपकी सोच बदलेंगी तो आपकी ज़िन्दगी भी बदल जायेंगी।

  तो दोस्तों अगर आपको ये मोटीवेशनल कहानी पसंद हे तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ भी सेर करे।

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