ज़िन्दगी में कभी भी निराश मत होना

           तो दोस्तों इस आर्टिकल में हम एक ऐसी कहानी के बारे में बात करने वाले हे जिनको पढ़कर आप भी अपने जीवन में कभी भी निराश नहीं होंगे क्योकि जो इन्सान दुसरो की मदद करता हे , अच्छे कर्म करता हे और जिनको भगवान पर भरोसा होता हे उनको भगवान कही ना कही से मदद जरूर करते हे। तो चलो दोस्तों इस कहानी को हम शरू करते हे। Best Hindi Motivational Story

Life changing motivation Story in hindi

ज़िन्दगी में कभी भी निराश मत होना

      तो ये कहानी हे रायपुर नामक गांव की जिनमें अयान नाम का एक लड़का रहता था जो बहुत ही ग़रीब था और वो अपनी क़ाबिल नौकरी लेने के लिए हमेंशा महेनत करता ही रहता था यानिकि वो कई सारी परीक्षा ये दे चूका था मगर उनका सिलेक्शन अभी तक नहीं हुआ था। इसलिए दोबारा परीक्षा देने के लिए वो जी जान से परिश्रम करता था। 

एक दिन की बात हे की अयान को किसी सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा देने के लिए किसी शहेर जाना होता हे। मगर उनकी समस्या ये होती हे की अयान के पास उस शहेर में जाने के लिए पैसे चाहिए जो उनके पास नहीं होते हे तो वो अपने घर में ढूंढा तो उनको बहुत मुश्किल से करीब 50 रुपये के आसपास मिले अब बाकी के पैसे का इंतजान कैसे करे क्योकि उनके पास जो भी पैसा था वो अयान अपने पढाई में इस्तमाल करता था। उसने अपने दोस्तों से भी कई बार उधार ले रखा था इसलिए अगर उनके पास पैसे भी कैसे मांगे क्योकि पहले का ही उधार बाकी था। तब अयान सोचने में पड़ जाता हे और वो सोचने लगता ही की कूच भी हो जाये मगर में परीक्षा देने के लिए सुबह जरूर जाऊंगा कोई तो मिल ही जायेगा जो मुझे शहेर तक ले जाएंगे। और वो सो जाता हे। 

      सुबह होते ही अयान अपने नए कपडे पहनकर और अपने जरूरी कागज़ात लेकर बस स्टैण्ड के लिए निकल जाता हे। रास्ते में सोचता हे कोइ ना कोइ मिल जायेगा और लिफ़्ट मिल जायेंगी और में शहेर पहुँच जाउंगा। अब अयान बस स्टैण्ड पहुंच जाता हे और करीब आधा घंटा राह देखता हे मगर उनको कोइ भी लिफ्ट नहीं देता। और बस या अन्य वाहन में जाने ले लिए पैसा चाहिए जो उनके पास उतने पैसे नहीं थे। अयान लिफ़्ट न मिलने की वजह से निराश होकर अपने घर की और चल पड़ता हे। तब रास्ते में उनको एक मंदिर दिखाइ देता हे। तब वो सोचता की ऊपर वाले से ही आज पूछ ही लेता हु की मुझ से क्या चाहिए आपको और वो मंदिर में पहुँचता हे और भगवान से कहता हे की अब आप ही हे जो मुझे बचा सकते हे तब उनके पास एक फकीर आता हे और अयान से कहता हे की क्या बात हे बेटा तुम बहुत निराश लग रहे हो क्या बात हे तुम मुझे बताओं क्या पता में तुम्हारे कूच काम सकू। तब अयान उस फकीर से बोलता हे की बाबा आप क्या मेरी मदद करेंगे आप ही मांग के खाते हे। तब वो फकीर बाबा बोलते हे की नहीं में मांग के नहीं खाता इस मंदिर में जो भी आता हे वो इसलिए नहीं मुझे देता की में माँगता हु वो इसलिए देखर जाते हे की उनको पुण्य कमाना हे। तब अयान बोलता हे की मुझे शहेर में परीक्षा के लिए जाना हे मगर मेरे पास पैसे कम हे। और शहर जाने के लिए कम से कम 500 रुपये तो चाहिए। तब वो फकीर बाबा बोलते हे इतनी बात तुम मेरे पैसे लेलो क्योकि मुझे ज्यादा पैसो की कोइ जरूरत नहीं हे में तो एक वक्त का खाना खाता हु और बीमार हु इसलिए कूच दवाई चाहिए होती हे और बाकी का पैसा में श्याम को खुद जाकर मंदिर की दान पेटी में डाल देता हु। अब अयान फकीर बाबा के पैसा ले लेता हे और बोलता हे बाबा में जब मेरा पास पैसा होंगा तब में आपके पैसा वापस दे दूंगा। बाबा बोलते हे ठीक हे मेरा ठिकाना ये मंदिर ही हे। और अयान परीक्षा देने के लिए शहेर जाता हे परीक्षा देने के बाद वो अपने घर चला जाता हे। और वो भगवान का बहुत आभार मनाता हे।

        कुछ दिनों के बाद अयान के परीक्षा का रिज़ल्ट आता हे और उनमे अयान का सिलेक्शन भी हो जाता हे तब अयान बहुत खुश हो जाता हे और उस फकीर बाबा का आभार मानने के लिए और उनके पैसे वापस देने के लिए वो उस बाबा के पास जाता हे जहाँ मंदिर होता हे। अयान जब मंदिर पहुँचता हे तब जाकर देखता हे की वहा लोगो की भीड़ दिखाई देती हे तब वो पूछता हे की क्या हुआ भाई ये लोग ने इतनी भीड़ जमा की रख्खी हे तब एक इन्सान कहता हे की एक फकीर की मौत हो गइ हे। तब अयान जाकर देखता हे तो वही फकीर बाबा मरे हुए पड़े थे जिन्होंने अयान को पैसा दिया था। तब एक व्यक्ति बोलता हे की उन्होंने दवाई नहीं ली थी शायद उनके पास पैसे नहीं होंगे इसलिए मौत हो गइ। तब अयान बोलता हे की वाह ऊपर वाले एक इन्सान किसी की जिन्दगी बनाने के लिए खुद की जिन्दगी दाव पर लगाकर चला गया। 

      तो दोस्तों इस कहानी से दो बातें हमें सीखना हे की हमें भी दुसरो की मदद करनी चाहिए तभी हम सब आगे बढ़ सकेंगे और दूसरी बात ये की भरोसा रखो की जब भी हमें ऐसा लगे की अब कूच नहीं हो सकता तब कही ना कही से आपको मदद जरूर मिलेंगी। क्योकि ऊपर वाले के वहा देर हे मगर अंधेर नहीं। इसलिए में आपको यही कहना चाहता हु की आप बस अपनी ज़िन्दगी में अच्छे कर्म करते रहिये , दुसरो की मदद करे और भगवान पर भरोसा रखे। तो आपको भगवान कही न कही से मदद जरूर करेंगा यानिकि आपको कभी भी निराश नहीं होने देगा। और ये मेरा भी अनुभव हे। 

एक बात में आप सभी लोगो को बोलता हु की भगवान ख़राब इन्सान को सब कुछ देता हे मगर साथ नहीं देता ओर अच्छे लोगो को कूच नहीं देता मगर साथ कभी नहीं छोड़ता।

तो दोस्तों अगर आपको ये कहानी अच्छी लगी हो तो आप इस कहानी को अपने दोस्तों के साथ भी सेर करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *