संघर्ष कहानी – Best Life Struggle Success Hindi Story

          तो दोस्तों इस आर्टिकल के माध्यम से आज हम बात करने वाले हे एक ऐसी कहानी के बारे में जिसे पढ़कर आप भी अपनी जिन्दगी चाहे कितनी भी असफ़लता का सामना आपको क्यों न करना पड़ेगा मगर आप कभी भी निराश या हार नहीं मानेंगे। तो चलो दोस्तों इस कहानी को हम शरू करते हे। Life Struggle Success Hindi Story

Best Life Struggles Success Hindi Story

संघर्ष कहानी – Life Struggle Success Hindi Story

            दोस्तों ये कहानी हे आर्यन नामक एक लड़के की जो अपने घर में अकेला ही अपना जीवन व्यतीत करता था। आर्यन की आर्थिक स्थिति बहुत ही गरीब थी। और उनके माता पिता की भी अकस्मात की वज़ह से मौत हो चुकी थी। इसलिए आर्यन की इस दुनिया में इसके आलावा कोइ नहीं था। आर्यन रात – दिन अपनी गरीबी दूर करने के लिए महेनत करता था। मगर रात दिन महेनत करने पर भी आर्यन को कोइ सफ़लता नहीं मिली। यानिकि उनको कोइ भी धन लाभ नहीं हुआ। लगातार मिल रही असफ़लता की वजह से आर्यन निराश हो गया यानिकि हिम्मत ही हार गया। कूच दिनों से आर्यन अकेले रहने लगा और सोचने लगा की इतनी कोशिश के बावजूद भी मुझे सफ़लता क्यू नहीं मिल रही हे।

      कूच दिनों के बाद आर्यन के गाँव में एक संत बाबा आये। तो सभी लोग उस संत बाबा को मिलने गए। और आर्यन भी एक दिन उस संत बाबा के पास अपनी समस्या का हल दूर करने के लिए उस संत बाबा के पास पहुँच गया। आर्यन ने संत बाबा को अपनी सारी समस्या बताये हुए कहा की बार बार कोशिश करने के बावजूद भी मुझे कोइ सफ़लता नहीं मिलती। तब उस संत बाबा ने आर्यन को कहा की तुम अपनी जिंदगी में निराश मत हो तुम बस अपनी कोशिश जारी रखो। और अगर तुम इस तरह हार मान लोंगे तो तुम अपनी परेशानियों के दूर होने की उम्मीद भी ख़त्म हो जाएंगी। तब आर्यन ने उस संत बाबा जी से कहा की अब आप ही मुझे बताओं की में क्या करू। क्योकि मुझसे तो अब कूच भी हासिल नहीं होगा। तब वो संत बाबा समझ गए की ये इन्सान अपने नकारात्मक विचारों में पूरी तरह से फस गया हे। और उन्होंने आर्यन से कहा की में तुम्हे एक कहानी सुनाता हु जिसे तुम्हारी निराशा और नकारात्मक विचार भी अवश्य दूर हो जायेंगे। और फिर उस संत बाबा ने कहानी सुनाना शरू किया।

   एक छोटे से बच्चे ने अपने घर के आँगन में दो पौधे लगाए जिनमे एक बांस और दूसरा कैक्टस का पौधा था। वो छोटा बच्चा रोज सुबह और श्याम वो दो पौधों की देखभाल करता। कुछ दिनों के बाद कैक्टस का पौधा तो पनप गया। मगर बांस का पौधा अभी तक पहले के जैसा ही था यानिकि उस बांस के पौधे में कोइ भी परिवर्तन नहीं आया था। फिर भी उस छोटे बच्चे ने दोनों की देखभाल रखना जारी ही रखा। ऐसे करके कूच महीने पसार हो गए। मगर उस छोटे बच्चे ने अपनी हिम्मत नहीं हारी और वो लगातार दोनों पौधे की देखभाल करता रहा। कूच दिन और निकल गए  मगर बांस का पौधा अभी भी नहीं पनपा था। बच्चा निराश नहीं हुआ। और उसने दोनों पौधों को पानी और देखभाल रखना जारी ही रखा। कूच महीनो के बाद बांस का पौधा भी पनप गया और कुछ ही दिनों में वो बांस का पौधा कैक्टस पौधे से भी बड़ा हो गया। तो बेटा में तुम्हे ये समझाना चाहता हु की बांस का पौधा पहले अपनी जड़ो को मजबूत कर रहा था उसलिए उसे पनपने में इतना समय लगा। बिलकुल ऐसा ही हमारे जीवन में भी होता हे की जब भी संघर्ष आये तो हमें पहले अपनी जड़ो को मज़बूत करनी चाहिए। और ऐसे ही हमारी जड़े मजबूत होती जायेंगी तो एक दिन हम तेजी से हमारे सपनो को पूरा कर सकेंगे। लेकिन तब तक हमें धैर्य बनाये रखना चाहिए। तो दोस्तों आर्यन अब वो संत बाबा की बात को समझ गया और उसने एक बार फिर अपनी कोशिश जारी राखी और कूच समय के बाद वो भी सफ़ल हो गया।

       तो दोस्तों इस कहानी से हमें ये सीखना चाहिए की हमें हमारे संघर्ष या महेनत की दिनों में हमें कभी भी निराश नहीं होना चाहिए और उस वक्त हमें अपने आप को ज्ञान से भरपूर करना हे। और हमें उस वक्त धैर्य बनाये रखना चाहिए। क्योकि तभी हम सब अपनी परेशानियों को दूर कर सकते हे। 

   तो दोस्तों अगर आपको ये कहानी पसंद हे तो आप इस कहानी को अपने दोस्तों के साथ भी सेर करे।

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