बतख पालन एक व्यवसाय – Duck Farming In Hindi

तो दोस्तों इस आर्टिकल के माध्यम से आज हम बात करने वाले हे बतख पालन व्यवसाय के बारे में जो कोई भी कर सकता हे बतख पालन का मुख्य उदेश्य बतख के अंडे और मांस प्राप्त करना होता हे जिसे आप अपनी बेरोजगारी को दूर कर सकते हे तो चलो दोस्तों बतख पालन के बारे में और भी अधिक जानकारी और फ़ायदे हम देख लेते हे। Duck Farming In Hindi

बतख पालन कैसे करे? Duck Farming In Hindi

कई लोगो को बतख पालन करना होता हे लेकिन उनके पास सही जानकारी न होने की वजह से वो इस व्यवसाय में उतना आगे नहीं बढ़ सकते तो सबसे पहले हम जानेंगे की बतख पालन कैसे करे?

तो सबसे पहले आप बतख पालन के लिए एक ऐसी जगह चुने की जिसके आसपास तालाब या कोई जलाशय हो क्योकि तालाब या जलाशय में बतख को तैरने के लिए जगह मिल जाती हे लेकिन अगर तालाब या जलाशय की सुविधा नहीं हे तो आप खुदाई करके छोटे जलाशय का भी निर्माण कर सकते हे और साथ में आप उस जलाशय के माध्यम से मछली पालन भी कर सकते हे जो आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता हे। 

अंडे और मांस के लिए बतख की तरह – तरह की नस्ल प्रचलित हे जैसे की अंडे के लिए अगर आपको बतख पालन करना हे तो खाकी कैंपबेल नस्ल प्रचलित हे जो एक साल में करीब 280 से 300 के आसपास अंडे देती हे जिनके अंडो का वजन करीबन 65 ग्राम से 70 ग्राम तक होता हे लेकिन इसके आलावा इंडियन रनर भी नस्ल हे लेकिन वो खाकी कैंपबेल की तुलना में कम अंडे देती हे। 

मांस के लिए बतख की वाइट पेकिंग नस्ल हे जो विदेशो में इस नस्ल को पाला जाता हे। 

बतखों को रखने के लिए आप जिस स्थान को पसंद करते हे उसमें आने और जाने का दरवाजा होना जरुरी हे और वो दरवाज़ा ऊँचा होना जरुरी हे क्योकि जब बतख प्रवेश करते हे उस वक्त वो अपने सिर के ऊपर उठाकर चलते हे। 

 

मुर्गी पालन से बतख पालन क्यों अच्छा हे

मुर्गी पालन के तुलना में बतख पालन में कम जोखिम होता हे। 

बतख मांस और अंडे के लिए रोग प्रतिरोधी होते हे जिस वजह से मुर्गी के मुकाबले बतख की मांग ज्यादा होती हे। 

मुर्गी के मुकाबले बतख कम दाना खाती हे जिसे खाने पाने का खर्च कम आता हे। 

मुर्गी के मुकाबले में बतख ज्यादा अंडे देती हे। 

मुर्गियों के मुकाबले में बतख कम बीमारिया होती हे। 

मुर्गी की तुलना में बतखों का मृत्यु दर कम होता हे जिससे वो लम्बे समय तक अंडे देती हे। 

बतख पालन में ये बातें ध्यान रखे

बतख को रखने की जगह को साफ करे ताकि बीमारी न आये। 

बतख पालन के लिए बतखों के चूजे रोगरहित और अच्छी नर्सरी से लाये। 

जो बतख बीमार हो उनको अलग रखे और मृत बतखों को जला दे या फिर दूर करे।

बीमारियों से बचने के लिए बतखों को समय समय पर टिके जरूर लगवाए।

जब बतख के चूजे एक महीने के होते हे तब उनको डक फ्लू वैक्सीन लगवाए। 

शेड की नियमित रूप से सफाई करे। 

बतख पालन के लाभ (फायदे)

बतख पालन में शरुआती खर्च कम होता हे। 

बतख की देखभाल की आवश्यकता कम रहती हे और बतख सभी प्रकार की वातावरणीय स्थिति में खुद को ढाल लेते हे। 

बतख कम बीमार होती हे क्योकि सामान्य रोगो के लिए बतखों का शरीर प्रतिरोधी होता हे।

बतख का मृत्यु दर कम होता हे जिसे वो अधिक समय तक जीते हे जिसे अंडे भी लम्बे समय तक कर दे सकती हे। 

बतख पालन एक स्थायी रोजगार हे जिसे बेरोजगार शिक्षित नौजवान इस तरह का बिजनेस करके इसे अपने रोजगार का माध्यम बना सकता हे। 

बतख के बारे में रोचक जानकारी

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