गूलर के बारे में जानकारी और फ़ायदे

तो दोस्तों इस आर्टिकल के माध्यम से आज हम बात करने वाले हे गूलर के बारे में जो एक विशाल कद का घना वृक्ष हे। गूलर का वृक्ष भारत के पूजनीय वृक्षों में से एक हे। तो चलो दोस्तों गूलर के बारे में और भी अधिक जानकारी और उनके फायदे हम जान लेते हे। गूलर के फायदे 

गूलर दो प्रकार का होता हे 

  • नदी उदुम्बर 
  • कठूमर 

अन्य भाषा में गूलर के नाम

संस्कृत में उडुम्बर
बांग्ला डुमुर
मराठी उदुम्बर
गुजराती उम्बरा
पंजाबी बटबर
उर्दू गूलर
अंग्रेजी में क्लस्टर फिग

Gular ke fayade

गूलर के बारे में सामान्य जानकारी – Gular In Hindi

1 . गूलर फिकस कुल का वृक्ष हे जो भारत के आलावा ऑस्ट्रेलिया , मलयेशिया और चीन में पाया जाता हे। 

2 . गूलर के पत्ते कठूमर के पत्तो से सहेज छोटे होते हे और कठूमर के पत्तो को छूने से हाथो में खुजली होती हे और उनके पत्तो से दूध निकलता हे। 

3 . गूलर के फूल पर आधारित एक कहावत हे की जिसने गूलर का फूल देख लिया उसका भाग्य चमक जाता हे। 

4 . गूलर के तने या डाल किसी भी स्थान पर घा करने से दूध निकलता हे और उसको थोड़ी देर रखने पर वो पीला हो जाता हे। 

5 . गूलर के फल में ज्यादा कीड़े होने की वजह से उनको जन्तुफल भी कहा जाता हे। 

6 . अगर हम गूलर वृक्ष की ऊंचाई के बारे में बात करे तो गूलर वृक्ष की ऊंचाई करीब 10 से 15 मीटर के आसपास होती हे जबकि उनके पत्तो की लम्बाई करीब 17 सेंटीमीटर के आसपास होती हे और आकार भाले की तरह होता हे। 

7 . गूलर के फल कच्चे होने पर हरे रंग के होते हे लेकिन गूलर के फल पकने पर वो हरे रंग में से लाल रंग में परिवर्तित हो जाते हे। 

8 . गूलर के फल मार्च से जून के बिच में गुच्छो में लगते हे। 

9 . गूलर के फल पेड़ की शाखाओ में फल उत्पन होता हे जबकि उनका आकर गोल होता हे जो अंजीर की तरह ही दिखाई देता हे।

10 . गूलर का वैज्ञानिक नाम Ficus racemosa हे। 

11 . गूलर को सदाफल कहा जाता हे क्योकि ये बारह मास फल लगते हे।

गूलर के फायदे – Gular Ke Fayade

गूलर गर्भसंधानकारक , शीतल , रुक्ष और व्रजरोपक करने वाला होता हे जबकि कप पित्त , अतिसार जैसे रोग नष्ट करने वाला होता हे तो चलो दोस्तों गूलर के और भी फायदे हम जान लेते हे। 

1 . गूलर की छाल और पत्ते से सूजन और दर्द की परेशानी दूर होती हे। 

2 . गूलर खाने से पेड़ का दर्द और गैस की समस्या ठीक होती हे। 

3 . गूलर में घाव ठीक करने की क्षमता होती हे यानिकि गूलर के दूध को घाव पर लगाने से घाव जल्दी भर जाता हे। 

4 . गूलर में आयरन पाया जाता हे जो हमारे शरीर में आयरन की कमी को दूर करता हे। 

5 . गूलर की पत्तियों को शहद के साथ पीसकर खाने से पित्त की बीमारी में लाभ होता हे। 

6 . गूलर का सेवन करने से हदय सबंधी बीमारियों की संभावना कम रहती हे। 

7 . गूलर कफ और पित्त के विकार नष्ट करता हे। 

8 . बवासीर की समस्या होने पर ताजा पत्तो का रस पिने से लाभ होता हे। 

9 . गूलर के पत्ते या छाल का काढ़ा बनाकर मुँह में कुछ देर तक रखने से दांत हिलना दर्द होना और मुँह के छाले ठीक हो जाते हे।

नोध : अगर आपको कोई बीमारी हे तो पहले आप डॉक्टर की सलाह जरूर ले। 

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