एक वृद्ध की प्रेरणादायक कहानी – Life Inspirational Story

    तो दोस्तों इस आर्टिकल के माध्यम से आज हम एक ऐसी कहानी के बारे में बात करने वाले हे जिसे पढ़कर आप भी अपने जीवन में किसी का बुरा नहीं करेंगे और अपने सारे कर्म अच्छे करने लगेंगे। तो चलो दोस्तों इस कहानी को हम शरू करते हे। Life Inspirational Story In Hindi

Old Man Inspirations Story in hindi

एक वृद्ध की प्रेरणादायक कहानी

            तो दोस्तों ये कहानी हे एक वृद्ध की जो बारिश के मौसम में अपनी मस्ती में रास्ते पर जा रहा था। कूच घंटे चलने के बाद वो वृद्ध ने एक मिठाई की दुकान को देखा। जहाँ गरमा गरम दूध और जलेबियाँ तैयार हो रही थी। ये सब देखकर वो वृद्ध इन्सान वहां कूच देर तक रुक जाता हे। ऐसा लग रहा था की वो वृद्ध इन्सान भूखा लग रहा था। वो वृद्ध खाना तो चाहता था मगर उनके पास पैसे ही नहीं थे। ये सब देखते हुए एक नेक दिल इन्सान को रहा नहीं गया और वो कूच जलेबियाँ और गरम दूध का प्याला उस वृद्ध इन्सान को दे दिया। वृद्ध इन्सान ने वो जलेबिया और गरम दूध को पि लिया और आकाश की तरफ नजर करते हुए उस इन्सान के लिए प्रभु से पार्थना की और फिर वो वृद्ध वहा से चला गया। 

       अब वो वृद्ध इन्सान का पेट भर चूका था इसलिए उनके चहेरे पर कूच अलग ही रौनक थी। दुनिया के सारे दुखों से बेपरवाह वो वृद्ध इन्सान अपनी मस्ती में बारिश के गंदे पानी में छींटे उडाता अपनी मस्ती में चला जा रहा था। मगर इसी वक्त एक नव विवाहित जोड़ा भी बारिश से बचता बचता उस वृद्ध इन्सान के पीछे चला आ रहा था। उस वृद्ध इन्सान को ये पता नहीं था और एक बार वो वृद्ध इन्सान ने अपनी मस्ती में बारिश के पानी में जोर से अपने पैर से लात मारी जिनकी वजह से बारिश का गन्दा पानी उडता हुआ पीछे आनेवाली युवती के कीमती कपड़े पर जा गिरा और उसके कपडे को भिगो दिया। अब उस युवती के कीमती कपडे गंदे पानी से लतपत हो गए। ये सब देखकर युवती के पति को यह बात बर्दाश नहीं हुईं और वो जोश में आकर आगे बढकर उस वृद्ध इन्सान के कपडे पकड़कर गुस्से से बोला की अन्धा ये क्या तुमको नजर नहीं आता की तेरी इसी गंदी आदत की वजह से मेरी पत्नी के सारे कीमती कपडे गंदे हो गए। वो वृद्ध इंसान चुप चाप वहा खड़ा ही रहा। उस युवती ने भी आगे बढ़कर अपने पति के हाथों से उस वृद्ध इन्सान को छुड़ाने का भी प्रयास किया मगर वो नाकामियाब रही। राह चलते अन्य इन्सान भी उदासीनता का ये दश्य देख रहे थे मगर उस युवा के ग़ुस्से को देखकर किसी में इतनी हिम्मत नहीं हुईं की वो उस वृद्ध इन्सान को छुड़ा सके। और आखिर कार अपने जोश और ग़ुस्से को काबू न रखते हुए उस युवा ने उस वृद्ध इन्सान को एक ज़ोरदार थप्पड़ गाल पर लगा दिया। जिसकी वजह से वो वृद्ध इन्सान लड़खड़ाता हुआ कीचड़ में जा गिरा। उस युवा ने वृद्ध इन्सान को निचे कीचड़ में गिरता हुआ देखा तो मुस्कुराते हुए वहा से अपनी पत्नी के साथ चल बसा। अब यहाँ उस वृद्ध इन्सान में कीचड़ में बैठे हुए आकाश की ओर देखा और बोला वाह मेरे प्रभु वाह कभी गरम दूध जलेबिया तो कभी कभी गरम गरम थप्पड़ भी। मगर मेरे प्रभु जो भी आप चाहो वो मुझे भी पसंद हे। ये कहते हुआ फिर वो वृद्ध इन्सान अपने रास्ते पर अपनी मस्ती में चलने लगा। 

          दूसरी और वो नव विवाहित जोड़ा भी कूच चलने के बाद अपनी मज़िल के पास यानिकि अपने घर के पास पहुँच ही जाते हे तब वो युवा अपने ज़ेब से चाबी निकालकर अपनी पत्नी से हसी मज़ाक करते हुए घर की सीढ़ियों तय कर रहा था मगर बारिश की वजह से सीढ़ियों पर फिसलन हो गइ थी और अचानक युवा का पैर फिसला और वो सीढ़ियों से निचे गिरने लगा तब उस युवती में जोर से शोर मचाके अन्य इंसान का ध्यान अपने पति के और आकर्षित करने लगी जिसकी वजह से काफी लोग सहायता के लिए तुरंत पहुँच गए मगर युवक का सिर फट गया था जिसकी वजह काफी खून बह जाने की वजह से युवक की कूच ही देर में मौत हो जाती हे। तब कुछ लोगो ने दूर से आते हुए उस वृद्ध इन्सान को देखा और मन ही मन सोचने लगते हे की इसी वृद्ध इन्सान ने थप्पड़ खाकर उस युवक श्राप दे दिया हे। अन्यथा एक ऐसा नौजवान की केवल सीढ़ियों से गिरकर मर जा सकता हे क्या। और फिर कुछ युवको ने उस वृद्ध इन्सान को घेर लिया और उनमे से एक युवा उस वृद्ध इन्सान से बोला की आप कैसे प्रभु के भक्त हो जो एक थप्पड़ की वजह से युवा को श्राप दे बैठे। क्या आपको पता हे की प्रभु के भक्त में रोष और ग़ुस्सा हरगिज़ नहीं होता। ये सब सुनकर वो वृद्ध इंसान बोले की प्रभु की कसम मैने उस युवा को कोइ श्राप नहीं दिया। तब एक युवक बिच में से कहने लगा की अगर आपने श्राप नहीं दिया तो भला वो युवक सीढ़ियों से गिरकर कैसे मर गया। तभी उस वृद्ध इन्सान ने कहा की आप सभी में क्या कोइ इस घटना का चास्मदित गवाह मौजूद हे क्या तब एक युवक ने कहा की हा में इस घटना का चश्मदित गवाह हु। तब वो वृद्ध इंसान ने चश्मदित गवा युवक से कहा की मेरे कदमो से जो कीचड़ उछला था क्या उससे युवा के कपड़ो को गन्दा किया था। तब वो युवा बोला नहीं मगर युवती के कपडे जरूर गंदे हुए थे। तब वो वृद्ध इन्सान बोला की फिर उस युवक ने मुझे क्यू मारा। तब वो चश्मदित गवा युवक कहने लगा की क्योकि वह युवा उस युवती का पति था और वो ये बर्दाश नहीं कर सका की कोइ उसके पत्नी के कपडे गंदे करे। इस वजह से उस युवक ने आपको थप्पड़ मारा। युवक की बात सुनकर उस वृद्ध इन्सान बोले की कोइ तो हे जो मुझसे प्रेम करता हे। क्योकि अगर युवती का यार सहन नहीं कर सका तो मेरे यार को कैसे सहन कर सकता हे की कोइ मुझे मारे और मेरा यार इतना ताक़तवर हे की इस दुनिया का सबसे बड़ा इन्सान भी उसकी मार से डरता हे। 

    दोस्तों ये सच हे की उस भगवान की लाठी हमें दिखती नहीं हे मगर जब भी वो पड़ती हे तब बहुत दर्द देती हे। इसलिए हर कोइ भगवान की इस लाठी से डरता हे। अगर हमें लाठी से केवल हमारे कर्म ही हमें बचा सकते हे। इसलिए हमें हमारी जिन्दगी सब कर्म अच्छे करने चाहिए। 

तो दोस्तों अगर आपको ये प्रेरणादायक कहानी पसंद हे तो आप इस कहानी को अपने दोस्तों के साथ भी सेर करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *