पैंगोलिन – Information About Pangolin In Hindi

      तो दोस्तों इस आर्टिकल के माध्यम से आज हम बात करने वाले हे एक रौचक प्राणी पैंगोलिन के बारे में जिनका इंग्लिश नाम भी Pangolin ही हे। ज्यादातर ये प्राणी अकेले में ही रहना पसंद करता हे। तो चलो दोस्तों पैंगोलिन के बारे में और भी अधिक रौचक और दिलचस्प जानकारी को हम देख लेते हे। Pangolin In Hindi Language

पैंगोलिन के बारे में जानकारी

1 . तो दोस्तों सबसे पहले हम बात करने वाले हे की पैंगोलिन का वैज्ञानिक नाम क्या हे ? तो पैंगोलिन का वैज्ञानिक नाम Pholidota हे। जबकि भारतीय पैंगोलिन का वैज्ञानिक नाम Manis Crassicaudata हे।

2 . दुनिया में करीब कुल आठ प्रजातिया पाइ जाती हे जिनमें से चार एशियाई और चार अफ़्रीकी उपमहाद्रिपो में पाइ जाती हे। 

3 . पैगोनिल फोलिडोटा गण का एक बच्चें पैदा करने वाला स्तनधारी प्राणी हे।

4 . इस प्राणी की सबसे खास बात उनके शरीर पर मौजूद केराटिन के बने शक्ल ( स्केल ) नुमा संरचना होती हे जिनका इस्तमाल वो अपने दुश्मनों से अपनी रक्षा के लिए करता हे। 

5 . पैंगोलिन शरीर पर शक्लो वाला एक मात्र स्तनधारी प्राणी हे। 

6 . इस प्राणी को एशिया और अफ्रीका का मूल रूप माना जाता हे। 

7 . भारत में इस प्राणी को ” सल्लू साँप ” के नाम से भी जाना जाता हे। 

8 . पैंगोलिन नामक शब्द मलय शब्द पेंगुलिन से हे जिनका अर्थ ” जो रोल करता हे ” ऐसा होता हे। 

9 . पैंगोलिन अकेले में ही रहना पसंद करता हे। यानिकि वो केवल प्रजनन के दौरान नर और मादा आपस में मिलते हे। 

10 . ज़्यादातर ये भूरे रंग में ही पाया जाता हे। 

10 Lines On Pangolin In Hindi Language

Pangolins In Hindi

11 . भारत , श्रीलंका और नेपाल में भी ये प्राणी मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में पाए जाते हे। 

12 . अगर हम पैगोनिल के खोराक के बारे में बात करे तो इस प्राणी का मुख्य खोराक कीड़े , मकोड़े और दीमक हे और इस खोराक की वज़ह से कई लोग उसे चींटीखोर के नाम से भी जाने जाते हे। लेकिन में आपको बता दू की चींटीखोर और पेंगोलिन दो अगल – अलग प्राणी हे। जबकि पैंगोलिन के शरीर पर मौजूद शक्ल की वज़ह से उसको वज्रशक्ल के नाम से भी जाना जाता हे यानिकि अगल – अलग क्षेत्रों में उसे अगल – अगल नामों से जाना जाता हे।

13 . चीन और वियतनाम के आलावा कई देशो में पैंगोलिन को बड़े चाव से खाया जाता हे। 

14 . पैंगोलिन का शरीर बहुत लंबा , सिर छोटा और जीभ लम्बी होती हे लेकिन उसके दांत नहीं होते इसलिए ये प्राणी कभी – कभी कंकर भी निग़ल जाता हे जिनकी वजह से उनका भोजन पाचन सही से हो सके। 

15 . इस जानवर के पास सूंघने की शक्ति बहुत ही तेज़ होती हे लेकिन देखने की क्षमता कमज़ोर होती हे।

16 . एक अनुमान से ये प्राणी एक साल के दौरान करीब सात करोड़ के आसपास चीटियों को अपना खोराक बनाता हे। 

17 . पैंगोलिन अपने पैरो में मौजूद पंजों की वजह से ये पेड़ो पर भी चढ़ सकता हे। 

18 . मादा पैंगोलिन का गर्भकाल करीब चार से पांच महीने तक होता हे और एक बच्चें के साथ पूरा होता हे। 

19 . पैंगोलिन एक साल में एक बच्चे को ही जन्म देता हे। जन्म के दौरान बच्चे के शरीर पर नरम शल्क होते हे लेकिन वयस्क होने के साथ वो मज़बूत हो जाते हे। 

20 . पैंगोलिन ज़्यादातर दिन के दौरान ही सक्रीय होते हे लेकिन कभी – कभी वो रात के दौरान भी सक्रीय होते हे। 

21 . अगर हम पैंगोलिन के जीवनकाल के बारे में बात करे तो इस प्राणी का जीवनकाल करीब 10 साल से लेकर 20 साल तक होता हे। 

   तो दोस्तों अगर आपको ये पैंगोलिन की जानकारी पसंद हे तो आप इस जानकारी को अपने दोस्तों के साथ भी सेर करे।

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