हमदर्द बने – Real Life Inspirational Story In Hindi

     तो दोस्तों इस आर्टिकल के माध्यम से आज हम एक ऐसी कहानी के बारे में बात करने वाले हे जिसे पढ़कर आप भी किसी भी तकलीफ़ या परिस्थिति का सामना कर सकेंगे और आप भी हर किसी की कठिन परिस्थिति में उनके हमदर्द बनेंगे। तो चाहिए ये कहानी शरू करते हे।

Real life Inspirations Story

Real Life Inspirational Story In Hindi

     एक गांव था। जिसमें एक सुखी परिवार रहता था।  जिसमें केवल पति पत्नि दोनों ही रहते थे उनकी जिंदगी बहुत ही ख़ुशी से चल रही थी। पति रोज़ाना नौकरी के लिए गांव से शहेर जाता और उसकी पत्नी घर काम करती थी। उनके घर में करीब दस साल बाद उनको एक लड़का पैदा होता हे तो उस पति पत्नि की ख़ुशी और भी दुगनी हो जाती हे और वो अपने लडके को बहुत प्यार करते थे। वो लड़का उनके लिए एक तारा था। क्योकि वो उनका पहला लड़का था। धीरे धीरे लड़का दो साल का हो गया।

       एक दिन की बात हे की पति को काम के सिल सिले में जल्दी जाना होता हे तब उसकी नजर उसके घर में मौजूद खुल्ली दवा की बोतल पर पड़ती हे तब वो जल्दी होने की वजह से उनकी पत्नि से बोलता हे की सुनो ये जो खुल्ली दवा की बोलत यहाँ पड़ी हे उनको तुम बंध करके अलमारी में रख देना और ये कहकर वो अपने काम के लिए शहेर चला जाता हे और यहाँ उनकी पत्नि रसोई काम में इतनी लीन होती हे की उनको याद ही नहीं रहता की मुझे उस खुल्ली बोतल को बंध करके अलमारी में रखना हे और उधर उनका लड़का खेलते खेलते उस बोतल को खेल ने के इरादे से वो हाथ में लेता हे और उस दवा को पूरी की पूरी पि लेता हे। तब कूच देर बाद वो लड़का बेहोश हो जाता हे और जब उनकी मम्मी रसोई से निकलती हे तब देखती हे की उसका लड़का बेहोश होता हे और साइड वो खाली बोतल भी होती हे तब वो समझ जाती हे की उसके लडके ने सारि दवाई पिली हे तब वो जल्दी से अपने लडके को हॉस्पिटल में सारवार के लिए ले जाती हे तब उसके लडके की वह ज्यादा दवाई पिने की वजह से उनकी मौत हो जाती हे। तब उसकी मम्मी पूरी तरह से हैरान और परेशान हो जाती हे। वो कुछ भी बोल नहीं पाती थी क्योकि अब वो अपने पति से क्या कह सकेगी और कैसे वो अपने पति का सामना करे। तब उसके परेशान पति हॉस्पिटल में आते हे और अपने लडके को मृत देखते हे तब वो अपनी पत्नि के पास जाते हे और सिर्फ चार शब्द ही बोलते हे। आपको क्या लगता हे वो कोनसे होंगे वो चार शब्द आइये देखते हे तो वो अपनी पत्नि से सिर्फ उनता ही बोलते हे की ” I Love You Darling ” आप भी हैरान होंगे की उनका बेटा मर चूका हे फिर भी उसके ऐसा क्यों कहा क्योकि उसका लड़का मर चूका था और वो उसको कभी वापस भी नहीं ला सकता। और वो उसकी पत्नि में भी कोइ कसूर नहीं ढूंढ सकता था क्योकि उसने भी अपना एकलौता बेटा खो दिया था। अगर उसने खुद उस बोतल को उठाके बाजू में रख दिया होता तो ये सब आज नहीं होता और उसका बेटा जिन्दा होता इस लिए वो किसी भी ऊपर आरोप नहीं लगा सकता था। और उसकी पत्नि को सिर्फ उसके पति से सहानुभूति और दिलासा चाहिए था और वही उसके पति ने उसको दिया।

   तो दोस्तों ये एक छोटी सी कहानी से हमें बहुत कूच हमारे जीवन में सीखना चाहिए की कभी कभी हम इसी में अपना समय व्यर्थ कर देते हे की इस परिस्थिति के लिए कौन ज़िम्मेदार हे या कौन आरोपी हे ये सब हमारे आपस के रिश्तो में होता हे तब हम सब लोग परिस्थितियों के आवेश में आकर हम अपने रिश्तो को भूल जाते हे या फिर तोड़ देते हे जबकि हमें एक दूसरों का सहारा बनने के बजाए एक दूसरे पर आरोप लगाने लगते हे और कूच भी क्यों न हो जाये हम उस व्यक्ति को कभी नहीं भूल सकते जिससे हम प्यार करते हे। इसलिए अपनी तकलीफों या परिस्थितियों को विचार कर करके बढ़ाने के बजाय उसे भूल जाना चाहिए।

      में तो सिर्फ उतना ही कहना चाहता हु की आप सभी चीजों का सामना करे जो आपको मुश्किल लगती हे। मगर सामना करके के बाद आप देखोंगे की वो चीजें उनती मुश्किल नहीं होती जीतनी आप उसे समझते हे। इसलिए हमें किसी भी इन्सान की कठिन परिस्थिति में उनका हमदर्द बनना चाहिए।

तो दोस्तों अगर आपको ये कहानी पसंद हे तो आप इस कहानी को अपने दोस्तों के साथ भी सेर करे। 

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